जिंदगी एक ही बार मिलती है । जैसे जीना है वैसे जियो। हकीकत यह है की कुछ भी स्थाई नही है न रूप ना रिश्ता, ना किसी का प्यार या care, आप जितना भी जियो खुश रह के जियो , मेरे साथ या मेरे बिना। रंग बदलते हैं क्योंकि मौसम बदलता है। चांद भी कभी पूरा होता है तो कभी आधा कभी बिलकुल ही गायब हो जाता है तुम्हारे चेहरे की हसीं की तरह। तारे टिमटिमाते है फिर कभी टूट भी जाते हैं। कभी दिन होता है तो कभी रात। कभी ढेर सारे पैसे होते हैं तो कभी जेब खाली होती है। तुमने ये कैसे सोच लिया की इंसान बदल जाता है तो ये भी बदल जाएगा। खोखले होते हैं वो जो गुरुर करते हैं और रंग बदलने में गिरगिटों को भी मात दे देते हैं।
हम ना बिलकुल अलग हैं हम वही हैं जो पहले दिन थे। ना काहू से दोस्ती न काहू से बैर। प्यार मिले जहां सर को झुका लेते हैं। वहीं रहना बात करना पसंद करते हैं जहां आंखों में प्यार दिखे। पैसे वालों से अपनी ज्यादा नहीं बनती। आसमान देखा है कभी हमेशा वैसा ही रहता है बदलता है तो सिर्फ बादल, तारे और चांद और इनकी औकात। इसमें किसी की कोई गलती नही और न ही होगी। क्योंकि जो नहीं बदलते वो सिर्फ दर्द सहते हैं बहाने नहीं बनाते। सालों खड़ा रहता है वृक्ष छाया देता है। लोग उसे नोच खरोच भी देते हैं पर क्या होता है वो भाग तो नही जाता। चाहे फल तोड़ो या टहनियां या जड़ से उखाड़ दो ना रोता है ना अपनी सिसकियों को जाहिर करता है। हमने तो यही सीखा है की जो साथ दे उसका साथ मत छोड़ो भले ही वो दर्द दे और इल्जाम भी दे दे। मुझे नाम नही चाहिए न ही न्याय। मुझे फैसला ही नहीं करवाना की कौन सही और कौन गलत।
अमीर लोगों की खासियत होती है उनका डर। उन्हे अक्सर ये गलतफहमी होती है की सामने वाला कही कुछ लूट ना ले। हमने उन अमीरों को भी दिया है और आगे भी देते रहेंगे। क्योंकि बकाया रखने की आदत नहीं मुझे। मुझे भी डर लगता है पर एक अलग सा डर। अगर दिल लगा लिया तो क्या होगा। इसलिए टुकड़े में ही प्यार करते हैं संगदिल लोगों के लिए इतना काफी है। मेरे १%प्यार से ही उनका कोटा पूरा हो जाता है। कभी कभी मैं सोचता हूं की कहीं मैं प्यार में पागल हो गया तो उनकी सात पुश्तों में अपने प्यार का रंग न घोल दूं।
दिल का वो कोना जो जख्मी था फिर कुरेद दिया तुमने।
तुम आयी ही क्यों ?
मैं जीता ,या मर जाता, मेरे अकेलेपन से पर तुम क्यों आयी ।
यही स्टेटस लगा के आज रात सो जाऊंगा शायद दुनिया मेरे दर्द को समझे। पर शायद ये मेरी फितरत नहीं है, अपने दर्द की सिसकियां दुनियां को नहीं सुना सकता। दर्द को सीने में दबा के खुद को chill rakhne का नशा हीं कुछ और है।


0 टिप्पणियाँ
Leave a lovely comment for the True Love Blog.